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निवेदन हे कि वार्शिक साधारन सभा रविवार दिनान्क 09/10/2011 को सुबह 10:00 बजे दी हिन्दुस्तान चेम्बेर्स,कालबा देवी रोड मे आयोजित की जा रही हे। आजीवन सदस्यता आवेदन पत्र (Download Form)
संपर्क - शा.शान्तीलाल मन्नाजी शोभावत (+91 98202 08325)

वर्षीय योजना
श्री महावीर स्वामी केवलज्ञान कल्याणक भव्य पंच वर्षीय योजना शाहीकरबा, सुबह नवकारशी, सुबह-शाम लापसी दर वर्षीय 25 हजार रु एवं पांच वर्ष का -1,25,000/- साधार्मिक का लाभ में 25 नाम लेने व पत्रिका में तीन नाम, गोत्र, गॉव आयेगा।




 
 
श्री वर्धमान जैन बोर्डिंग हाउस में उपलब्ध सुविधाएँ

श्री वर्धमान जैन बोर्डिंग हाऊस (छात्रावास) परिसर में ही निर्माणाधीन श्री अभिनव महावीर धाम-त्रिकोणीय आकार के दो मंजिले व लगभग 2 लाख वर्ग फिट के इस संकुलन में लगभग 54 फिट उँचे पंचकल्याणक मंदिर में सपरिकर पद्मासन युक्त 29.25 फिट (351 इन्च) उंची मकराना मार्बल की भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा स्थापित की गई। इस उपरांत चार ओडिटोरियम, बडे-बडे हाँल, गुफाएँ, जंगल, झरने, सुंदर बगीचा एवं जैन तत्व युक्त भव्य आर्ट गेलेरीयाँ बन रही है।

ख्यातनाम कलाकारों द्वारा आध्यात्म आयामों को आधुनिक विज्ञान के साथ संयोजन कर ध्वनि व प्रकाश के संयोजन से विभिन्न घटनओं, सिद्धांतो व प्रभु के उपदेशों को माडल्सो, फ्लेश 3D, फिल्म (चलचित्र)आदि के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। जिसमें प्रमुख है - भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक से लेकर निर्वाण कल्याणक के दर्शन; भगवान ॠषभदेव से भगवान महावीर स्वामी तक का संपूर्ण जीवन वृत, आगम परिचय, श्रावक धर्म दर्शन, तत्व दर्शन, आत्मा-परमात्मा, दुर्लभ मनुष्य जीवन, जिन शाश्वत सिद्धांत, नमस्कार महामन्त्र, दान, सेवा, भक्त्ति,चार आरा, भव, कालचक्र, अहिंसा, माता त्रिशला के 14 महास्वप्न, भगवान महावीर स्वामी का जीवन, सिद्धांत व देशना, जैन इतिहास, जैन पर्व, जैन आहार, जैन संस्कृति आदि-आदि।

  • जिन मंदिर: श्री वर्धमान जैन बोर्डिंग हाउस की स्थापना के बाद श्री ताराचंद्रजी के ह्रदय में इस छात्रालय के भीतर एक जिनालय बनवाने की अभिलाषा थी। जो विक्रम संवत 2010 ज्येष्ठ सुद 10, सोमवार, दिनांक 22/06/1953 को इस मंदिर की उपाद्याय. श्रीमद् कल्याण विजयजी म.सा. के कर कमलों से प्रतिष्ठा हुई और उसमें मूलनायक के स्थान पर विक्रम संवत 1459 माध सुद 6 की पूर्वप्रतिष्ठित श्री वर्धमान स्वामी की भव्य प्रतिमा महामहोत्सव पूर्वक विराजमान करवाई गई। इस तरह यह प्रतिमा 608 वर्ष पुरानी हुई। (विक्रम संवत 2066 जो चल रहा है उस हिसाब से)
  • आराधना गृ्ह (वृ्द्धाश्रम): यहाँ आध्यात्म के क्षेत्र में आगे बढने वाले जो अपना संध्याकाल प्रभू भक्त्ति में ही साधना करते हुए व्यतीत करना चाहते हैं उन जैन वृद्ध स्त्री-पुरुषों के लिए आश्रम की व्यवस्था चल रही है। यहाँ आराधकों के लिए डाक्टर, दवाएं, कपडे, चाय-दूध, नास्ता, भोजन, ठंडे व गर्म पानी की व्यवस्था, नाई, धोबी, सफाई कर्मचारी के साथ-साथ पुरुष व महिलाओं के लिए अलग अलग रहने के लिए स्वच्छ हवा दार कमरे व पारिवारिक वातावरण में रहने की अति उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है।
  • उपाश्रय: श्री वर्धमान जैन बोर्डिंग हाउस राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है तथा आस पास अनेकों तीर्थ धाम है अत: साधु-साध्वी विहार करतें हुए यहां विश्राम हेतु पधारते हैं अत: उनके ठहरने के लिए अलग अलग उपाश्रय एवं गौचरी की सुन्दर व्यवस्था है।
  • व्याख्यान हाँल: धार्मिक त्योंहारों, समारोह या संघ के आगमन पर श्रावकों को साघु-साध्वीयों द्वारा धर्मोपदेश देने हेतु सुंदर भव्य व्याख्यान हाँल की भी व्यवस्था है।
  • चणघर: आबादी बढने के साथ साथ नगरों का विस्तार होता गया इस परिस्थिति में श्रावकों द्वारा पक्षियों को दाना डालने कि जगह की उपलब्धता भी कम हो गई, इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहाँ पक्षियों के चणघर की सुंदर व्यवस्था है।
  • वाचनालय: विहार करते हुए यहाँ का पधारने वाले साघु-साध्वीयों व सुश्रावक -श्राविकाओं के लिए आध्यात्म अध्ययन हेतु अच्छी पुस्तकों, ग्रंथो, पत्रिकाओं का अच्छा संग्रह उपलब्ध है , जिसे यहाँ के शांत वातावरण में बैठकर अध्ययन किया जा सकता है।
  • अतिथी गृह: सुमेरपुर के आस पास अनेकों तीर्थ स्थान है फलत: तीर्थयात्रा करने वाले अथवा सुमेरपुर-शिवगंज अच्छी व्यापारिक मंडियां होने के कारण क्रय-विक्रय करने वाले जैन बन्धुओं हेतु यहां ठहरने की अति उत्तम व्यवस्था है। खुले वातावरण में बने साफ सुथरे हवादार A/C कमरे, कूलर वाले कमरे , सादे कमरों व स्नान गृह व शौचालय युक्त्त हाँल की सुन्दर व्यवस्था है। सर्दियों में गर्म पानी की भी व्यवस्था उपलब्ध है।
  • भोजनशाला: प्राकृतिक शांत वातावरण में स्वच्छ, खाद्य पदार्थों के उच्चतम मापदंड लिए भोजनशाला है यहाँ चाय-दूध, नास्ता, दोनों समय भोजन की जैन नियमानुसार उत्तम व्यवस्था है। तपस्या करने वालों हेतु एकासणा, ब्यासणा आदि की भी व्यवस्था है। साथ ही किसी कारण वश घर पर भोजन न बना पाने के कारण नगर के जैन बंधुओं हेतु टिफीन की भी व्यवस्था है। इतना ही नहीं, यहां ठहरे हुए अतिथियों हेतु यात्रा में साथ ले जाने बाबत भाते की भी व्यवस्था है। प्त्नयेक रविवार को यहां मारवाड का प्रसिद्ध रोटा-दाल बनाया जाता है।

  • शीतल जलगृ्ह: गर्मियों में शितलता प्रदान करने हेतु यहां ठंडे जल की प्याऊ की भी व्यवस्था है। आकर्षक आकृति का यह जल गृह संकुल की शोभा बढाता है।
  • शोभावत सभागृह: गोडवाड क्षैत्र का विशाल, आधुनिक साज सज्जा युक्त, सुंदर तथा रंगमंच युक्त शोभावत सभागृह यहां का विशेष आकर्षण है। यहां पर उपध्यान तप, ओली की अराधना, महापूजन आदि धर्मिक कार्य के अलावा विवाह, सभा, नाटक, कवि सम्मेलन आदि सामाजिक कार्यों का भी आयोजन होता है।
 
संकुलन की विशेषताएँ

इस छात्रावास संकुल में एक ही दिन में तीन-तीन विवाह सम्पन्न कराने जितनी व्यवस्था तथा रसोडे, डाइनिंग हाँल, गादले, बर्तन आदि की सुविधा उपलब्ध है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर बुकिंग की व्यवस्था है।
समस्त जैन समाज उपरोक्त सुविधाओं का लाभ लेने हेतु सादर आमंत्रित है।

श्री वर्धमान जैन बोर्डिग हाउस (छात्रावास) के विशाल परिसर में ही बन रहा है,
21वीं सदी का धर्म व सांस्कृ्तिक मुल्यों से सरोबार "श्री अभिनव महावीर धाम"|